है ये लंबा सफर ,चलना है उम्र भर |
हंसके रस्ता कटे ,प्यार की बात कर ||
लोग मतलब की अब बात करने लगे |
लोग अपने पड़ोसी से डरने लगे ||
ऐसा माहौल हमको बनाना है अब |
खुशियाँ जाने न पायें शहर छोड़ कर ||
कृष्ण , ईशा ने , नानक ने , इक बात की |
सबने सम्मान की , हर इक जात की ||
सबके तालीम में , एक ही बात थी |
रास्ते हैं कई , एक मंजिल मगर ||
जब गुनहगार बस एक इंसान हो |
सारा मजहब ही क्यों उसका बदनाम हो ?
मत बनाओ , ऐसे इबादत के घर |
जो बन जाते हैं , सियासत के घर ||
हंसके रस्ता कटे ,प्यार की बात कर ||
लोग मतलब की अब बात करने लगे |
लोग अपने पड़ोसी से डरने लगे ||
ऐसा माहौल हमको बनाना है अब |
खुशियाँ जाने न पायें शहर छोड़ कर ||
कृष्ण , ईशा ने , नानक ने , इक बात की |
सबने सम्मान की , हर इक जात की ||
सबके तालीम में , एक ही बात थी |
रास्ते हैं कई , एक मंजिल मगर ||
जब गुनहगार बस एक इंसान हो |
सारा मजहब ही क्यों उसका बदनाम हो ?
मत बनाओ , ऐसे इबादत के घर |
जो बन जाते हैं , सियासत के घर ||
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें