मिलती है तेरे प्यार से लय तो, शब्दों को सजाता हूँ |
छू जाते हो जब तुम ख्यालों को, तब कही लिख पता हूँ |
जो तू ना होगा मेरे लिए तो तनहा हो जाऊंगा, कौन समझेगा मुझे किसके लिए लिख पाउँगा |
अब कौन देगा सहस मुझे , शायद जिंदगी में कुछ ना बन पाउँगा |
कौन समझेगा मुझे किसके लिए लिख पाउँगा |
जिंदगी ना जाने किस मोड़ पर है, एक धुंधली सी तस्वीर इन आँखों में है|
जिंदगी में जो कुछ मिलेगा मुझे , उसे देकर तुम्हारा नाम दुनिया से चला जाऊंगा |
कौन समझेगा मुझे किसके लिए लिख पाउँगा
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