बुधवार, 14 अक्टूबर 2009

मेरे दिल कि बात

 आपसे कुछ कहने का जब जब ख्याल आया है, 
पहले बड़े जतन से हमने लफ्जों को सजाया है,
राह में अचानक जब आप नज़र आते हैं,
होठों पर सजाये सारे बोल बिखर जाते हैं, 
फिर सोचने लगते हैं कैसे शुरुआत करें ,
आखिर कैसे जाहिर करें हम अपने दिल कि बात, 
जब कुछ कहने को होते हैं तो आप गुज़र जाते हैं, 
हार करा जज़्बात कागज़ पर सजाये जाते हैं,
यूँ तो ज्यादा नहीं बस इतनी सी फरमाइश  है मेरी,
एक साफ़ सुथरी दोस्ती कि ख्वाहिश है मेरी,
माफ़ कर दीजियेगा  अगर ये हमारी भूल है,
एहसान होगा आपका जो ये दोस्ती कबूल है......
....................................................



 



4 टिप्‍पणियां:

  1. एक साफ़ सुथरी दोस्ती कि ख्वाहिश है मेरी|
    swagat aur shubhkamnayen

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  2. चिटठा जगत में आपका हार्दिक स्वागत है.
    लेखन के द्वारा बहुत कुछ सार्थक करें, मेरी शुभकामनाएं.
    व सपरिवार दिवाली की शुभकामनाएं.
    ---

    हिंदी ब्लोग्स में पहली बार Friends With Benefits - रिश्तों की एक नई तान (FWB) [बहस] [उल्टा तीर]

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